रूठा दोस्त (Shayari #1)

हज़ूर इस खता को माफ़ किया जाये ,ये दोस्ती है, दिल थोड़ा साफ़ किया जाये।बहुत मिन्नतों का नतीजा है ये दोस्ती,इस नादान के सात बस इन्साफ किया जाये।वक्त की नाज़ुक कली है ये जिंदगी,इसके बस किलने का इंतज़ार किया जाये।नफरतो का जाल बिछाया है दिल के दुश्मनोने,रंजिशोंको मिटाके इनका पर्दाफाश किया जाये।अब जो आप वाकिफ … Continue reading रूठा दोस्त (Shayari #1)